जिले के 40 अमृत सरोवरो की कार्यकल्प पर 3.50 करोड़ रुपए खर्च करेगा प्रशासन: उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया

admin  1 week, 2 days ago Top Stories

अमृत सरोवर की काया कल्प पर जिले की समृद्ध पंचायतों का भी लिया जाएगा सहयोग
अमृत सरोवर बनेंगे आधुनिक और स्वच्छ
अमृत सरोवरों का कायाकल्प अभियान तेज, रख रखाव पर सख्त निगरानी
सीएम जीजीए की मॉनिटरिंग से बदलेगी सरोवरों की तस्वीर

PANIPAT AAJKKAL , 25 मार्च। जिले में अमृत सरोवरों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त और सक्रिय नजर आ रहा है। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में सीएमजीजीए और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सरोवरों के समग्र कायाकल्प के स्पष्ट निर्देश दिए। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि गंदगी, कचरे का जमाव, दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और रखरखाव की कमी को  दुरुस्त किया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आधारभूत ढांचे की नियमित देखरेख और जवाबदेही की व्यवस्था की जाएगी।

    उपायुक्त ने प्रत्येक सरोवर के लिए एक केयरटेकर/ऑपरेटर नियुक्त करने और पंचायत सचिव को इसकी निगरानी का जिम्मा देने पर भी विचार किया। इस संबंध में जिला स्तर पर औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे ताकि जिम्मेदारी स्पष्ट हो सके। डेली-वीकली मॉनिटरिंग और डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
नई व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर प्रतिदिन सरोवर की सफाई, कचरा हटाने और जल की स्थिति की निगरानी की जाएगी। वहीं ब्लॉक स्तर पर साप्ताहिक निरीक्षण में स्वच्छता, जल गुणवत्ता और मच्छर प्रजनन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्सएप के माध्यम से फोटो आधारित डिजिटल रिपोर्टिंग अनिवार्य की जाएगी, जिसमें समय-चिह्नित तस्वीरों के जरिए वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि अमृत सरोवरो की समस्या का समाधान होगा। देरी पर कार्रवाई सरोवरों में किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली बनाई जाएगी। शिकायतों का निपटारा अति शीघ्रता से किया जाएगा जबकि देरी होने पर मामला उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरोवरों के रखरखाव को पंचायत फंड से जोडऩे का प्रस्ताव रखा। इन सरोवरों पर  बेहतर तरीके से कार्य करने पर ब्लॉक और जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इससे पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

  उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन अमृत सरोवरों के विकास पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इन सरोवरों पर झरने, लाइटिंग, फूलों की सजावट और सीमेंट की बेंच जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ये सरोवर आधुनिक और आकर्षक बन सकें। प्रारंभिक चरण में एक सरोवर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके बाद 40 सरोवरों का कायाकल्प किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि हर सरोवर पर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें संबंधित पंचायत का नाम और अंतिम सफाई की तिथि दर्ज होगी। इससे स्थानीय समुदाय भी निगरानी में भागीदारी कर सकेगा।

उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण सौंदर्य और जनस्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण आधार हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर सरोवर साफ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो। इसके लिए जवाबदेही तय की गई है और निगरानी को पूरी तरह सिस्टम आधारित बनाया जा रहा है। यदि कोई लापरवाही करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी, वहीं अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। सभी अधिकारी इस कार्य को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझकर पूरी ईमानदारी से निभाएं।

    सीएमजीजीए आदिति ने कहा कि सरोवरों की स्थिति में सुधार के लिए केवल निर्माण नहीं, बल्कि सतत निगरानी और जवाबदेही आवश्यक है। हमने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसमें दैनिक मॉनिटरिंग, डिजिटल रिपोर्टिंग और स्कोरकार्ड सिस्टम के माध्यम से पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाएगा। पंचायत स्तर पर व्यवहारिक बदलाव लाने के लिए फंड लिंकिंग और प्रोत्साहन दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है। हमारा प्रयास है कि जिले के सरोवर स्वच्छता और प्रबंधन का एक मॉडल बनें।

  उपायुक्त ने सभी को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को होम वर्क की तरह गंभीरता से लें और समयबद्ध तरीके से परिणाम सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि प्रशासन की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि अब सरोवरों का रख रखाव केवल औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि सख्त निगरानी, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन के साथ इसे लागू किया जाएगा। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। बैठक में डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी, एसडीओ वीरेंद्र दहिया सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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